पटना/वाराणसी/गोरखपुर। आस्था के महापर्व छठ पूजा की शुरुआत आज से हो गई है। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व की शुरुआत पहले दिन ‘नहाय-खाय’ की पावन परंपरा के साथ हुई। श्रद्धालुओं ने आज सुबह पवित्र नदियों, तालाबों और घाटों में स्नान कर छठ मइया की आराधना की और शुद्ध आहार ग्रहण कर व्रत की शुरुआत की।
सुबह से ही गंगा, पुनपुन, सरयू और अन्य नदियों के तटों पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएँ छठ मइया के गीत गाते हुए नदी तट पर पहुँचीं और पारंपरिक विधि से स्नान कर पूजा-अर्चना की। नहाय-खाय के बाद व्रतधारी महिलाएँ केवल एक बार भोजन करती हैं, जिसमें लौकी-भात और चना दाल मुख्य रूप से बनाया जाता है। यह प्रसाद पूरे घर में बाँटा जाता है और इसे पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।
इस पर्व के दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन प्रातःकालीन अर्घ्य दिया जाएगा। सूर्य उपासना के इस महापर्व में पवित्रता, आत्मसंयम और श्रद्धा का विशेष महत्व है।
राजधानी पटना से लेकर उत्तर प्रदेश और झारखंड तक छठ के रंग में पूरा पूर्वांचल डूब गया है। घाटों की साफ-सफाई पूरी कर ली गई है और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं।लोगों का कहना है कि “छठ मइया” की पूजा से परिवार में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
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